नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। इस गंभीर अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने उनकी अस्थायी सदस्यता रद्द कर दी, सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी, और बेंगलुरु में उनके खिलाफ आपराधिक FIR दर्ज की गई है।
SCBA ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राकेश किशोर की अस्थायी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। उनके नाम को एसोसिएशन की सूची से हटाने और उनके कार्ड रद्द करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को सूचित किया गया है ताकि किशोर का एक्सेस कार्ड रद्द हो और परिसर में उनका प्रवेश स्थायी रूप से प्रतिबंधित हो।
बेंगलुरु पुलिस ने अखिल भारतीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भक्तवचला की शिकायत पर राकेश किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने हेतु हमला) और 133 (अपमान के इरादे से हमला) के तहत FIR दर्ज की है।
हालांकि, घटना के दिन CJI गवई ने उदारता दिखाते हुए वकील को छोड़ने का निर्देश दिया था, और दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया था। लेकिन अब न्यायपालिका की गरिमा पर हमले के इस मामले में कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।